Wednesday, July 6th, 2022

हिंदू बनकर शादी की, धर्मांतरण कराकर निकाह,कोर्ट के आदेश पर FIR

  अंबेडकरनगर


हिंदू बनकर शादी की, फिर धर्मांतरण कराकर निकाह, थोड़े दिन बाद तलाक और फिर हलाला. यह कहानी है उत्तर प्रदेश की अम्बेडकरनगर की. यहां के जलालपुर थाने की रहने वाली पीड़िता के साथ शाबाम नाम के शख्स ने पहले धर्म छिपाकर मंदिर में शादी की और फिर सप्ताह भर के अंदर जबरन निकाह किया और कलमा न पढ़ने पर तीन तलाक दिया.

तीन तलाक देने के बाद अब फिर पीड़िता को हलाला कराने पर मजबूर किया गया. न्याय पाने के लिए पूरा परिवार कई दिनों तक थाने के चक्कर लगाया. जब न्याय नहीं मिला तो उसने थक हारकर न्यायालय की शरण ली. तब न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी तो दर्ज कर ली लेकिन कार्रवाई ने नाम पर अभी भी हीलाहवाली कर रही है.

क्या है पूरा मामला?

मालीपुर थाना के सैरपुर उमरन गांव की युवती की सम्मनपुर के हरदिलपुर में रिश्तेदारी है. यहां उसके ममेरे भाई का पड़ोसी जिले आजमगढ़ के पवई थाने के मिल्कीपुर का शाबाम उर्फ़ श्यामू का युवती के घर आना जाना था. इसी दौरान ममेरे भाई ने युवती की शादी शाबाम उर्फ़ श्यामू के साथ करवाने के लिए परिवार को राजी कर लिया.

परिवार वालों ने 22 मई 2020 को शादी की तिथि निर्धारित की, लेकिन इसी बीच लॉकडाउन लग जाने से 10 जुलाई 2020 को जलालपुर कस्बे के मठिया मंदिर में शादी करनी पड़ी. युवती को ससुराल पहुंचे एक सप्ताह ही हुए थे कि शाबाम और उसके परिवार वालों ने मौलवी बुलाकर जबरन निकाह पढ़वा दिया.

धर्मान्तरण कराने के बाद उस पर नियमित नमाज और कलमा पढ़ने का दबाव बनाया जाने लगा. घरवालों के साथ आसपास की मुस्लिम महिलाएं उसे नमाज और कलमा पढ़ने का जबरन अभ्यास भी कराने लगी. वह जब भी आपत्ति जताती उससे जानवरों जैसा व्यवहार किया जाता. आए दिन मारपीट के बीच शाबाम ने उसे तीन तलाक दे दिया.

लेकिन बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी. यहां तक कि युवती का मोबाइल भी छीन लिया गया. इस बीच शाबाम ने दोबारा निकाह करने की बात कर उसे अपने भाई मेहंदी हसन और शरीफ से हलाला करने पर मजबूर किया. किसी तरह भागकर युवती अपने पिता के पास पहुंची और पूरी दास्तां सुनाई.

पीड़ित परिवार ने मालीपुर थाने में इसकी शिकायत की लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के बजाय डांट कर भगा दिया. सीओ जलालपुर से भी फरियाद का कोई अर्थ नहीं निकला. एसपी को भी मामले से अवगत कराया लेकिन कोई आश्वासन नहीं मिलने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया.

इस मामले में अंबडेकरनगर के एसपी आलोक प्रियदर्शी कहा कि तफ्तीश क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं और तहसीलदार से भी बात की जा रही है, ग्राम प्रधान से बात की जा रही है और समस्त साक्ष्य इक्कट्ठा कर इसमें कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

Source : Agency

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