Friday, May 7th, 2021

श्रीलंका, न्यूजीलैंड और स्विडन से पीएचडी करने सांची विवि आएंगे विद्यार्थी

भोपाल
सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय से पीएचडी करने का क्रेज देश विदेश में बढ रहा है। इसलिए विवि को दूसरी बार प्रवेश परीक्षा के फार्म जमा करने की अंतिम तिथि में चार दिन की बढ़ोतरी की है। अब विद्यार्थी तीस अप्रैल तक आवेदन कर पाएंगे। पूर्व में अंतिम तिथि 26 अप्रैल रखी गई थी और 28 को योग्य उम्मीदवारों की सूची जारी करनी थी, लेकिन अब विवि तीन मई को उम्मीदवारों की सूची जारी करेगा। अभी तक विवि को करीब 80 आवेदन मिल चुके हैं। इसमें इसमें से 12 फीसदी आवेदन दूसरे देशों के विद्यार्थियों ने जमा किए हैं। इसमें पांच श्रीलंका, दो म्यानमार और एक-एक आवेदन स्वीडन, वियतनाम और न्यूजीलैंड से जमा किया गया है। अंतिम तिथि में इजाफा होने से विदेशी विद्यार्थियों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।

जानकारी के मुताबिक विवि बौद्ध अध्ययन, वैदिक अध्ययन, भारतीय शिक्षा एवं समग्र विकास, योग, भारतीय चित्रकला, हिन्दी, अंग्रेजी और चीनी भाषा में पीएचडी करा रहा है। ये विषय देश-विदेश के चुनिंदा विवि में संचालित हो रहे हैं। यहां तक उनके पास पीएचडी कराने की व्यवस्था नहीं हैं। लगातार विद्यार्थियों के डिमांड को देखते हुए कुलपति नीरजा ए गुप्ता ने आवेदन करने की स्वीकृति दे दी हे। विद्यार्थी प्रवेश परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। चीनी भाषा में पीएचडी करने चार सीटें रखी गई हैं।

पार्ट टाइम व्यवस्था
कुलपति नीरजा ए गुप्ता ने कहाकि नियमित के साथ पार्ट टाइम पीएचडी की व्यवस्था की गई है। इससे काफी शोधार्थियों को राहत मिलेगी। विवि ने एससी-एसटी और दिव्यांग विद्यार्थियों की परीक्षा फीस 1200। उनके अलावा सभी वर्ग की 1500 फीस निर्धारित की है। विवि ने विदेशी विद्यार्थियों की फीस में 66 फीसदी इजाफा किया है। एनआरआई विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा में शामिल होने 2250 फीस का भुगतान करना होगा।

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