Wednesday, April 24th, 2024

तीन कुलपति समेत कमेटी सर्च करेगी हिंदी विवि का वाइस-चांसलर

भोपाल
राजभवन को अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय और महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति करना है। राजभवन ने हिंदी विवि के कुलपति चयन के लिए चार सदस्यीय सर्च कमेटी गठित कर दी है। अभी तक संस्कृत विवि की सर्च कमेटी गठित नहीं कर सकता है। हिंदी विवि को भले ही जल्दी कुलपति मिल जाये, लेकिन संस्कृत विवि को अपने कुलपति के लिए और इंतजार करना होगा।

राजभवन ने हिंदी विवि का कुलपति चयन करने के लिए चार सदस्यीय सर्च कमेटी गठित कर दी है। इसमें तीन कुलपति और एक प्राचार्य शामिल हैं। राज्यपाल आनंदी बने पटेल ने कमेटी का चेयरमेन देवी अहिल्या विवि इंदौर कुलपति रेणू जैन को नियुक्ति किया है। जबकि हिंदी विवि की तरफ से महाराजा छत्रसाल विवि छतरपुर के कुलपति प्रो. टीआर थापक, शासन के प्रतिनिधि के रूप में उज्जैन साइंस कालेज के प्राचार्य अर्पण भारद्वाज और यूजीसी के प्रतिनिधि के रूप में हिमाचल स्थित धर्मशाला केंद्रीय विवि के कुलपति कुलदीप अग्निहोत्री को शामिल किया गया है।

कुलपति बनने के लिए राजभवन को करीब पचास उम्मीदवारों के बायोडाटा मिले हैं। उनमें से योग्य उम्मीदवारों का चयन करने के लिए सर्च कमेटी जल्द ही राजभवन पहुंचेगी। इसमें से कमेटी करीब दस उम्मीदवारों को साक्षात्कार करने के लिए चयनित करेगी। चयनित उम्मीदवार कमेटी की कसौटी पर परखने के लिए तर्क कुतर्क करेगी। इसमें आधा दर्जन उम्मीदवारों का अतिंम पैनल राज्यपाल पटेल को जाएगा। इसके बाद वे स्वयं उम्मीदवारों से विवि की स्थिति और गति सुधारने के लिए सीधे सवाल करेंगी। इसके बाद वे कुलपति की नियुक्ति करेंगी।

भोपाल की चार दिशा में रहा हिंदी विवि
कुलपति रामदेव भारद्वाज ने हिंदी विवि को बेहतर स्थान दिये हैं। अपने भवन तक पहुंचने के लिए हिंदी विवि को मिंटो हाल, भोज विवि और बेनजीर कालेज में एक-एक साल बिताना पडा है और अंत में मुगलिया कोट स्थित अपने भवन में पहुंच गया है। कुलपति भारद्वाज ने हिंदी विवि को कें्रदीय विवि में परिवर्तित कराने के लिए राजभवन और दिल्ली में प्रेजेंटेशन दे दिये हैं। 31 जुलाई को उनके कार्यकाल खत्म होने के केंद्रीय विवि बनने की काफी स्थिति साफ हो जाएगी।

कुलपति के पास अतिरिक्तप्रभार
संस्कृत विवि उज्जैन के कुलपति बनने राजभवन ने 16 मार्च तक बायोडाटा जमा कराए हैं। करीब तीन माह बीतने को है, लेकिन राजभवन अभी तक सर्च कमेटी नहीं बना सका है। कुलपति लक्ष्मण जानी के इस्तीफा देने के बाद से विक्रम विवि के कुलपति अखिलेश कुमार पांडे को संस्कृत विवि का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। 

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